वाशिंगटन: ईरान से शांति वार्ता कराने में विफल रहे पाकिस्तान को अमेरिका ने बड़ा झटका दिया है। अमेरिका ने पेशावर स्थित अपने कांसुलेट को बंद करने का ऐलान किया है। अमेरिका ने पाकिस्तान को कांसुलेट की सुरक्षा न कर पाने का आरोप लगाया है। इससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर की भयंकर बेइज्जती हुई है।
अमेरिका ने कहा कि वह अपने राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पेशावर में स्थित वाणिज्य दूतावास को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की घोषणा कर रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से यह कदम उठाया गया है। इसके बाद अब पेशावर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के चरणबद्ध तरीके से बंद किये जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
अब इस्लामाबाद के दूतावास से चलेगा काम
पेशावर के इस दूतावास के बंद होने के बाद अब खैबर पख्तूनख्वा के साथ राजनयिक संपर्क की जिम्मेदारी इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को सौंपी जाएगी। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, "यह फैसला हमारे राजनयिक कर्मियों की सुरक्षा और कुशल संसाधन प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" बयान में यह भी कहा गया कि पेशावर में भौतिक उपस्थिति में बदलाव के बावजूद पाकिस्तान में अमेरिकी प्रशासन की नीति प्राथमिकताएं अटल हैं। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका खैबर पख्तूनख्वा के लोगों और अधिकारियों के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और अमेरिकी लोगों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक रूप से जुड़ा रहेगा।"